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Fire and ice in Hindi
कोई कहे आग से ये दुनिया बुझेगी कोई कहे बर्फ से पिघलेगी कोई अगर मुझसे पूछे मेरी मर्ज़ी,,, आग से जले दुनिया यही है अर्जी,,, पड़े अगर दुबारा मरना....😢😢 तो तुम बिल्कुल न झिझकना,,, दुनिया की बर्बादी करे अगर बर्फ फिर भी न डरना,,, हिम्मत से लड़ना,,, Some say the world will end in fire, Some say in ice. From what I’ve tasted of desire I hold with those who favor fire. But if it had to perish twice, I think I know enough of hate To say that for destruction ice Is also great And would suffice. Robert Frost .
अहिंसा परमो धर्म:
आज से नही आज़ादी के पहले से ही एक उक्ति या श्लोक बहुत लोकप्रिय होता जा रहा है। परंतु यह किस तह तक पूर्ण है यह सत्य लुप्त हो गया है । न ही वह आज की इस घोर कलियुगी समाज पर चरितार्थ होता है न ही लोगो की मानसिकता पर परिवर्तन आता है। बस लोग अपने मन की शांति और बातो की उपयुक्तता को बढ़ाने के लिए उसका उपयोग करते हैं। आपने भी अपने जीवन में बहुत बार सुना होगा "अहिंसा परमो धर्म: " । महात्मा गांधी ने भी इस उक्ति का खूब उपयोग किया है। इस उक्ति को बोलते समय लोगो के मानसपटल पर अधिकतर महात्मा गांधी का ही चित्र उभरता है।परंतु उन्होंने भी न जाने क्यों इसे पूरा नही कहा । शायद उन्होंने पूरा कहना उचित नही समझा होगा।इसका पूर्ण रूप कुछ इस तरह से है--- अहिंसा परमो धर्म: धर्म हिंसा तदैव च। अर्थात_ अहिंसा परम धर्म है परन्तु धर्म की रक्षा करने के लिए हिंसा सर्वश्रेष्ठ धर्म।
nyc 1 bro
ReplyDeleteThanks....
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