मेरा प्रेम
सुनो मुझे फिर से प्रेम हो गया है.. इस बार तुमसे, तुम्हारे घर से, तुम्हारे शहर से, नयी मुस्कुराती डगर से, जिन्हें खो दिया उनकी यादों से, पूरे करने हैं जो उन वादों से.. चुन लिए हैं, कुछ गुजरें हुए लम्हें.. बुन लिए हैं, फिर से नये सपने.. प्रेम करने के लिए बहुत कुछ है पास मेरे..... . कुछ तुम्हारी चांदनी, चंद सुनहरी किरणें, तुम्हारी मुस्कान.. अपने नादान मन से, अपने सुंदर संसार से ईश्वर के दिये हर उपहार से.. हां सच में प्रेम होने लगा है मुझे... 😊😊