दुनियादारी@


जाना चाहता हु दूर
कुछ ऐसी बातों से
जलाना चाहता हु रौशनी
कुछ कालिमा भारी रातों मे
जो अपने इरादों को खोखला करती है
अपने किये हुए वादों से ही धोखा करती है
नही चाहिये मुझे ऐसी समझदारी
जिसे लोग कहते है आज की #दुनियादारी।।।।।।


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